Business Ideasकभी न बंद होने वाले Evergreen Top 05 Best Business Ideas

कभी न बंद होने वाले Evergreen Top 05 Best Business Ideas

सदाबहार Top Best Business Ideas: विविधता की संभावनाओं से भरा हमारा देश भारत! यहां हर दिन कोई न कोई नया बिजनेस आईडिया अथवा स्टार्टअप आइडिया का जन्म होता है. हर एक उद्यमी/कारोबारी अपने बिजनेस आइडियाज पर काम कर उसे सफल बनाने में लगा है.

ऐसे में यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम/इच्छुक उद्यमी आने वाले समय के बारे में सोचें और भविष्य में सफल होने वाले व्यवसायों पर गहन शोध करके अभी से अपने बिजनेस की योजना (business plan) बनाना शुरू कर दें. 

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नीचे, हम आपके साथ कुछ शीर्ष future best business ideas को साझा करने जा रहे हैं, जिनमें कभी भी मंदी का सामना नहीं करना पड़ता तथा जो आपको सबसे अधिक लाभ भी देंगे. तो चलिए शुरू करते हैं-

Table of Content

Best business ideas: Training Center-

ट्रेनिंग सेंटर उन अनूठे व्यवसायों में से एक है जहां इच्छुक व्यक्ति अथवा उद्यमी को अपने विषय को गहराई से समझने का मौका मिलता है. प्रशिक्षण संस्थान का प्रत्येक प्रशिक्षक अपने विषय का विशेषज्ञ होता है, जिस कारण दी जाने वाली जानकारी की विश्वनीयता सर्वोपरि मानी जाती है.

आप जानते ही हैं कि मौजूदा दौर सूचनाओं का दौर है, जहां दिन प्रति दिन हर तरह की (सही/भ्रामक) सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है. लेकिन अगर विश्वनीयता की अगर बात की जाए तो प्रशिक्षण केंद्र/संस्थान से प्रसारित की जाने वाली जानकारी हमेशा ही विश्वनीयता के पहले पायदान पर सुशोभित होती है.

मौजूदा दौर में इंटरनेट के फैलाव के कारण अधिकतर लोग भ्रामक जानकारी से प्रेरित होकर खुद का जीवन अभिशाप बना लेते हैं. ऐसे में यदि वे सही मार्ग-दर्शन न लें तो समाज में अराजकता फैल सकती है. खैर….

किसी भी कारोबार को सफल होने में सबसे अहम् भूमिका होती है अनुभव और उसके प्रभावी business plan की. प्रशिक्षण केंद्र वास्तव इस प्रकार की जानकारी इच्छुक व्यक्ति को उपलब्ध कराने में मदद करता है, जिससे वह अपने business/startup की शुरुआत अच्छे से कर सके.

देखा जाए तो हमारे भारत में training center की शुरुआत करना बहुत ही आसन है, लेकिन इससे पहले आप आगे बढ़ें, आप जान लें कि “कोई भी बिजनेस शुरू करना बड़ी बात नहीं है, बल्कि बिजनेस में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना और बिजनेस में लगातार बने रहना ही सफल बिजनेसमैन की पहचान होती है”

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यदि आप अपने विषय के विषय विशेषज्ञ (Subject Matter Expert-SME) हैं और नया व्यापार करने की महत्वकांक्षा रखते हैं, साथ ही ऐसे best business ideas की तलास में हैं, जिसमें कभी भी मंदी का सामना न करना पड़ता है तो training center business idea को जरूर अपनाएं.

असल में व्यवसायिक दृष्टी से आंकलन करने पर training center 12 महीने चलने वाला बिजनेस है. जिसकी शुरुआत करने के लिए बहुत ही सीमित और कभी-कभी न के बराबर ही लागत का निवेश करना पड़ता है.

क्या training center का पंजीकरण कराना जरूरी होता है?

जी हां! यदि आप उन विषयों पर प्रशिक्षण देने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं, जो बाजार को प्रभावित करते हैं तो आपको अपने training center का पंजीकरण सम्बंधित विषय के सरकारी संस्थान व GST से कराना जरूरी है.

वहीं यदि आप केवल शिक्षा विस्तारित करने के लिहाज से कोचिंग सेंटर की सुविधा देते हैं तो स्थानीय निगम से NOC लेना जरूरी होता है.

मार्केटिंग का क्षेत्र (Marketing sector)-

किसी भी उद्यम अथवा व्यवसाय को बाजार में विकसित होने के लिए विपणन (marketing) की सबसे अहम् भूमिका होती है. मार्केटिंग के जरिये ही कोई भी उद्यमी वांछित ग्राहकों को अपने उत्पादों अथवा सेवाओं के प्रति जागरूक करता है. जिससे ग्राहक उसके निर्मित उत्पाद को खरीदने का निर्णय ले सकें.

इसके अलावा एक प्रभावी मार्केटिंग बिजनेस प्लान (marketing business plan) बाजार मांग, ब्रांड प्रतिष्ठा और अन्य से प्रतिस्पर्धा आदि घटकों को बनाने और बाजार में बने रहने में मदद करता है.

आज हर एक उद्यमी अथवा कारोबारी, जो अपने बिजनेस का विस्तार मतलब बाजार में दूर-दूर फ़ैलाने की कोशिश कर रहे है, वे अपने ब्रांड की जागरूकता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर खर्च भी करने से नहीं हिचकिचाते. इससे जाहिर हो जाता है कि marketing sector की कितनी और किस हद तक डिमांड बनी रहती है.

वर्ष 2022 में वैश्विक डिजिटल मार्केटिंग का बाजार लगभग 321 बिलियन अमरीकी डालर के स्तर तक पहुंच चुका है, जिसमें लगातार वृद्धि होती जा रही है.

यदि आप ऐसे बिजनेस आईडिया (Best business ideas) की तलास में हैं, जिसमें कभी भी मंदी का दौर आता ही नहीं, साथ ही यह बिजनेस 12 महीने चलने वाला बिजनेस भी हो तथा निवेश लागत भी बहुत ही सीमित लगती हो, तो marketing sector आपके भविष्य को एक नई राह दिखा सकता है. असल में मौजूदा दौर में मार्केटिंग को कई तरीको से किया जाता है. मसलन-

  1. ऑनलाइन मार्केटिंग
  2. ऑफलाइन मार्केटिंग

मार्केटिंग के सभी घटक इन्ही दोनों तरीकों से किये जाते है.

मार्केटिंग के मुख्य तत्व कौन-कौन से होते है?

किसी भी उद्यम, उत्पाद या सेवा के तहत ब्रांड की मार्केटिंग करने से पूर्व 04 तत्वों/घटकों को समझना जरूरी होता है. ये चारों तत्व/घटक है-

1. Product or Service,
2. Price,
3. Place and
4. Promotion

मार्केटिंग की अवधारणा क्या है?

मार्केटिंग की अवधारणा- ग्राहक की समस्या (जरूरतों) के समाधान के रूप में उत्पाद अथवा सेवा के माध्यम से ग्राहक की जरूरतों को पूरा करने के विचार पर आधरित है.

इसके साथ ही मार्केटिंग (विपणन) अवधारणा किसी भी व्यवसाय को बड़े स्तर पर बदलाव का प्रतिनिधित्व भी करती है जो प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हांसिल करने के लिए कारोबार की नींव का काम करती है.

Packaging sector-

बाजार का सबसे कड़वा सच यह है कि उत्पाद की गुणवत्ता चाहे कितनी भी अच्छी हो लेकिन अगर उत्पाद की पैकिंग/पैकेजिंग अच्छी नहीं तो उस उत्पाद को बाजार में बेचने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. पैकेजिंग सेक्टर मूलत: एडवरटाइजिंग बिजनेस/विज्ञापन कारोबार के तहत आने वाला, साथ ही सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला घटक है.

मौजूदा बाजार में हर एक उत्पाद की अपनी खास पैकिंग होती है. जहां एक तरफ आकर्षक पैकिंग संभावित ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का काम करती है, वहीं दूसरी ओर शानदार सुन्दर और प्रभावी पैकेजिंग से ब्रांड की वैल्यू बढ़ाने का काम भी करती है.

यदि आप अपना startup करने की सोच रहे हैं, तो packaging sector जैसा नया बिजनेस आपके लिए best business ideas में से एक अच्छे मुनाफे का विकल्प साबित हो सकता है. चूंकि packaging sector, business के तौर पर एक वृहद उपक्रम है. इसलिए इस कारोबार की शुरुआत बहुत ही छोटे निवेश के साथ की जा सकती है.

पैकेजिंग बिजनेस शुरू करने के लिए किन रॉ मटेरियल्स की आवश्यकता होती है?

अमूमन छोटे स्तर पर पैकेजिंग का कारोबार शुरू करने के लिए कागज, दफ्ती, corrugated box के अलावा रंग-बिरंगी डिजाइनर पन्नियों की आवश्यकता है. यह सभी सामान स्टेशनरी की खुदरा व होलसेल की दुकानों पर आसानी से मिल जाता है.

आकर्षक और प्रभावी पैकेजिंग कैसे तैयार की जाती है?

प्रभावी पैकेजिंग तैयार करते समय पैकिंग रंगों का विशेष रूप से ध्यान रखकर उत्तम गुणवत्ता के कच्चे माल का उपयोग कर पैकेजिंग को डिजाइन दिया जाता है. क्योंकि मौजूदा बाजार में सबसे कठिन काम ग्राहकों को आकर्षित करना होता है.

भारत के पैकेजिंग सेक्टर का दायरा (packaging industry scope) क्या है?

साल 2019 में भारत के पैकेंजिंग बाजार का मूल्य 50.50 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जो 2020 से 2025 तक 26.7% CAGR दर्ज करते हुए, साल 2025 के अंत तक 204.81 बिलियन अमरीकी डॉलर पहुँचने की उम्मीद है.

क्राकरी बिजनेस (crockery business)-

आज हर एक घर में टेबलवेयर/चीनी मिट्टी से बने उत्पादों का उपयोग अनिवार्य रूप में किया जाता है, जैसे चाय के कप व प्लेट, खाने की प्लेट, पानी के बर्तन, रसोई के बर्तन आदि. असल में क्राकरी बिजनेस 12 महीने चलने वाला बिजनेस है, जिसकी शुरुआत बहुत ही छोटे स्तर पर (घर से भी) आसानी से की जा सकती है.

यदि आप उन best business ideas की खोज में हैं, जिनमे कभी भी मंदी का सामना न करना पड़े और छोटे निवेश से अपने कारोबार की शुरुआत भी हो जाए तो आप crockery business को बेझिझक अपना सकते हैं.

crockery business की शुरुआत दो तरीको से की जा सकती है-

  1. होलसेल से खरीदकर रिटेल करना (service business idea)
  2. क्राकरी उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित कर (crockery product manufacturing business)

क्या crockery business घर से चलने वाला बिजनेस है?

यह निर्भर करता है कि आप किस स्थान और व्यवसाय के किस स्तर पर अपने बिजनेस की शुरुआत कर रहे हैं. वैसे crockery business को छोटे स्तर पर/घर से भी कम निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है.

लेकिन यदि आप क्राकरी उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित कर अपना उद्यम/कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो छोटे स्तर पर इसके लिए कम से कम 2000 sqft area की आवश्यकता होती है, यदि आपके घर वांछित स्थान उपलब्ध है तो manufacturing unit स्थापित कर आप अपना उद्यम शुरू कर सकते हैं.

खिलौने का बिजनेस (Toy Business)-

खिलौने जो न केवल बच्चों के मनोरंजन का पहला स्रोत माने जाते हैं, बल्कि उन्हें उनकी कल्पना, निपुणता और बौद्धिक क्षमता को विकसित करने में भी मदद करते हैं. खिलौनो से खेलना इंसानी स्वभाव है जो आज से नहीं बल्कि आदि काल से चला आ रहा है,

फर्क सिर्फ इतना सा है कि पहले मिट्टी, लकड़ी और कच्ची धातु से बने खिलौनों से खेला जाता था, लेकिन आज मौजूदा उन्नत तकनीक की दुनिया में खेले जाने वाले खिलौनों का निर्माण तकनीकी कलपुर्जों के अलावा प्लास्टिक सामग्रियों के साथ किया जाता है.

खिलौनों की लगातार बढती मांग के कारण मौजूदा दौर में खिलौनों का बाजार पहले के मुकाबले काफी बड़े स्तर पर बढ़ चुका है. भारत के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने भी भारतीय खिलौनों के बाजार को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने की बात की.

असल में खिलौना व्यवसाय कम लागत, उच्च लाभ वाले best business ideas में से एक है, यदि आप business startup करने की सोच रहे हैं तो toy business idea आपके भविष्य को एक शानदार दिशा दिखा सकता है, साथ ही toy business के शुरूआती पर भी अच्छी खासी कमाई आसानी से की जा सकती है.

राष्ट्रीय निवेश संवर्धन और सुविधा एजेंसी के अनुसार, भारत में खिलौना उद्योग लगभग $1.5 बिलियन होने का अनुमान है, जो वैश्विक बाजार की लगभग 0.5% (घरेलू खिलौना मांग) हिस्सेदारी है. साल 2024 के अंत तक भारतीय खिलौना उद्योग लगभग $2-3 बिलियन तक बढ़ने का अनुमान है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, खिलौनों की मांग 2025 तक टियर II और टियर III शहरों में 10-15% बढ़ने का अनुमान है.

खिलौना बिजनेस की शुरुआत 02 तरीकों से की जा सकती है-

  1. होलसेल से खरीदकर रिटेल करना (service business idea)
  2. खिलौना निर्माण इकाई स्थापित कर (toy manufacturing business)

Toy business शुरू करने से पहले किन बातों पर ध्यान देना अनिवार्य है?

खिलौना कारोबार में उतरने से पहले इच्छुक उद्यमी को सबसे पहले मौजूदा मार्केट पर रिसर्च, जिसमें उत्पाद की मांग, उत्पाद की खपत और लागत के सापेक्ष मुनाफा व संभावित ग्राहक का आंकलन करना प्रारंभिक चरण करने जरूरी है. संक्षित में कहा जाए तो toy making business plan बनाना जरूरी है.

खिलौना व्यवसाय शुरू करने के लिए कितनी लागत का निवेश करना होता है?

अमूमन रिटेल के छोटे स्तर पर खिलौना कारोबार शुरू करने के लिए कम से कम 02 लाख रूपये का निवेश करने की आवश्यकता होती है. जबकि छोटे स्तर खिलौना निर्माण व्यवसाय इकाई (toy manufacturing unit) स्थापित करने के लिए इच्छुक उद्यमी को लगभग 02 से 05 लाख रूपये का निवेश करने की आवश्यकता होती है.

घर से चलने वाला सबसे अच्छा छोटा बिजनेस कौन सा है?

घर से चलने वाले सबसे अच्छे और छोटे बिजनेस की तलास में यदि आप हैं तो खिलौना कारोबार/toy making business सबसे तगड़े लाभ वाले व्यवसायों में से एक है, जिसकी शुरुआत कम लागत से की जा सकती है और शुरूआती स्तर पर तगड़ा मुनाफा भी बनाया जा सकता है.

खुद का बिजनेस क्या करें?

अमूमन बिजनेस की इच्छा रखने वाले अधिकतर नए उद्यमियों के जहन में इस प्रश्न का आना स्वाभविक है.

असल में बिजनेस की चाह रखने वाले हर एक उद्यमी को सबसे पहले अपनी रूचि के अनुसार ही बिजनेस का चुनाव करना चाहिए, इसके साथ बिजनेस/उद्यम के उन घटकों पर गौर करने की आवश्यकता है, जहाँ लागत का निवेश कम करना पड़े और मुनाफा भी अच्छा बनाया जा सके.

ऊपर पोस्ट में ऐसे ही best business ideas को वर्णित किया गया है. खुद का बिजनेस शुरू करने से पूर्व संबधित बिजनेस की हर बारीकी को गहनता से समझना जरूरी होता है, जिससे जोखिम की सम्भावना पर अंकुश लगाया जा सके.

अंत में-

हमारा उद्देश्य उन इच्छुक उम्मीदवारों, उद्यमियों, व्यवसायियों, व्यापारियों और कारोबारियों को बेहतर से बेहतरीन जानकारी प्रदान करना है, जो अपने बिजनेस/व्यवसाय को उच्च से उच्चतम शिखर तक पहुंचने के इच्छुक हैं और अपने निर्मित उत्पाद अथवा सेवा से अच्छा मुनाफा भी कमाना चाहते हैं.

नोट- किसी भी बिजनेस को अपनाने से पहले वांछित कारोबार की बाजार/मार्केट रिसर्च एवं उपलब्धता का आंकलन अनिवार्य रूप से अवश्य करें. ऐसा करने से आपक बिजनेस के तहत आने वाले जोखिम और दिक्कतों का सामना करने में आसानी हो जाएगी और की गई रिसर्च के आधार पर डिमांड के अनुरूप आप अपने बिजनेस को अच्छे से विस्तारित भी कर पाएंगे.

आशा है इस लेख “कभी न बंद होने वाले Evergreen Best Business Ideas” से आपको evergreen high profitable business ideas से सम्बंधित प्रश्नों का समाधान और अपना उद्यम स्थापित करने से सम्बंधित जानकारी जरूर मिली होगी, साथ ही… यदि कुछ पूछना चाहते हों तो कृपया comment box में जरूर लिखें. लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों व जरूरतमंदों के साथ share करना न भूलें. अभी तक के लिए इतना ही-

“शुभकामनाएं आपके कामयाब और सफल व्यापारिक भविष्य के लिए.”

धन्यवाद!

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